Wednesday, June 21, 2023

मोदी और वांग यी के साथ वीटो प्रश्न

चीन बोला- भारत से दोस्ती बढ़ाना अमेरिका का सेल्फिश गेम:कहा- हमें टारगेट करना बंद करे अमेरिका; सप्लाई चेन में भारत हमें पछाड़ नहीं सकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं। PM मोदी के इस दौरे पर चीन के टॉप डिप्लोमैट और पूर्व विदेश मंत्री वांग यी ने ग्लोबल टाइम्स में एक आर्टिकल लिखा। उन्होंने कहा- अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को इसलिए मजबूत कर रहा है क्योंकि वो चीन के आर्थिक विकास को रोककर खुद आगे निकलना चाहता है। अमेरिका की ये रणनीति फेल हो जाएगी क्योंकि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत या कोई भी देश चीन को पछाड़ नहीं सकता है।

वांग यी ने लिखा- भारत को अमेरिका के जियोपॉलिटिकल जोड़-तोड़ से बचना चाहिए। अमेरिका चीन को रोकने के लिए यह सेल्फिश गेम खेल रहा है, लेकिन भारत को अपने विकास लिए चीन के साथ ट्रेड और इकोनॉमिक को-ऑपरेशन बढ़ाना बेहद जरूरी है। वांग यी ने कहा कि भले ही भारत में लगातार अमेरिकी कंपनियों का निवेश बढ़ा है, लेकिन एपल जैसी बड़ी कंपनियों को अब चीन से अलग करना मुमकिन नहीं है।

चीन बोला- भारत से दोस्ती बढ़ाना अमेरिका का सेल्फिश गेम:कहा- हमें टारगेट करना बंद करे अमेरिका; सप्लाई चेन में भारत हमें पछाड़ नहीं सकता

तस्वीर : वांग यि कहते हे की:
... अमेरिका की रणनीति फेल हो जाएगी क्योंकि ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत या कोई भी देश चीन को पछाड़ नहीं सकता है।


वांग यी ने लिखा- 

भारत को अमेरिका के जियोपॉलिटिकल जोड़-तोड़ से बचना चाहिए। अमेरिका चीन को रोकने के लिए यह सेल्फिश गेम खेल रहा है, लेकिन भारत को अपने विकास लिए चीन के साथ ट्रेड और इकोनॉमिक को-ऑपरेशन बढ़ाना बेहद जरूरी है। वांग यी ने कहा कि भले ही भारत में लगातार अमेरिकी कंपनियों का निवेश बढ़ा है, लेकिन एपल जैसी बड़ी कंपनियों को अब चीन से अलग करना मुमकिन नहीं है।

वांग यी के मुताबिक, भारत का मार्केट पोटेंशियल अच्छा है, लेकिन यहां का बिजनेस एनवॉयर्नमेंट और इंडस्ट्री सप्लाई चेन एक बड़ी दिक्कत है। अमेरिका के साथ भारत के ट्रेड का असर चीन के साथ उसके व्यापार पर नहीं पड़ेगा। भारत जितना ज्यादा अमेरिका को एक्सपोर्ट करेगा उतना ज्यादा उसे चीन से इम्पोर्ट करने की जरूरत पड़ेगी।

भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट बढ़ा, लेकिन चीन से इम्पोर्ट में भी इजाफा हुआ
वांग यी ने अपने लेख में आगे लिखा है कि अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक और व्यापार सहयोग बढ़ रहा है। अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक वित्तीय वर्ष में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन गया है। 2022-23 में जहां भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट स्पष्ट रूप से बढ़ रहा है, वहीं चीन से भारत का इम्पोर्ट भी काफी बढ़ गया है।

अगर भारत-अमेरिका को अपने ट्रेड और इकोनॉमिक कॉर्पोरेशन को बढ़ाना है तो उन्हें अपने बीच की दिक्कतों को हल करने की कोशिश करनी चाहिए। चीन को टारगेट बनाने से उन्हें कुछ नहीं मिलेगा।

आंकड़ों के मुताबिक, 2022-23 में भारत का अमेरिका को एक्सपोर्ट 2.81% बढ़कर 78.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान, चीन से भारत का इम्पोर्ट 4.16% बढ़कर 98.51 अरब डॉलर पर पहुंच गया। चीन भारत के लिए अब भी सबसे बड़ा इम्पोर्ट का जरिया बना हुआ है।

Things done with Odd matters too... SEE 


आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर चीन (China) बेनकाब हो गया है. चीन ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादी साजिद मीर (Sajid Mir) को संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में ग्लोबल टेररिस्ट (Global Terrorist) की लिस्ट में डालने के भारत (India) और अमेरिका (US) के प्रस्ताव को रोक दिया है. अमेरिका ने साजिद मीर पर 5 मिलियन डॉलर का इनाम रखा हुआ है. 

पिछले साल सितंबर में चीन ने संयुक्त राष्ट्र में मीर को नामित करने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाते हुए इसे होल्ड कर दिया था. वहीं अब चीन ने इस प्रस्ताव को रोक दिया है. चीन इससे पहले भी कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को ब्लैकलिस्ट करने के लिए लाए गए प्रस्तावों पर रोक लगाता रहा है.  

sajid meer

आतंकवादी साजिद मीर 26/11 के मुंबई हमलों में वांछित है. पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने 2008 में आतंकियों को मुंबई भेजकर इन हमलों को अंजाम दिया था. इस दौरान आतंकियों ने होटल, अस्पताल, कैफे, रेलवे स्टेशन समेत कई जगहों को निशाना बनाया था. जिसमें 170 से ज्यादा लोग मारे गए थे. 

इन हमलों में छह अमेरिकी भी मारे गए थे. आतंकी मीर कथित तौर पर हमलों का मुख्य प्लानर था. उसने हमलों के दौरान आतंकियों को निर्देश दिए थे. इसके अलावा साजिद मीर ने कथित रूप से 2008 और 2009 के बीच डेनमार्क में एक न्यूज पेपर के कर्मचारियों के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश रची थी.

21 अप्रैल 2011 को मीर पर यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट समेत कई कोर्ट ने चार्ज फ्रेम किए थे. उस पर विदेशी सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने, आतंकवादियों को सहायता देने, अमेरिका के बाहर एक नागरिक की हत्या करना और सार्वजनिक स्थानों पर बमबारी का आरोप लगाया था. मीर के खिलाफ अमेरिका ने 22 अप्रैल, 2011 को अरेस्ट वारेंट जारी किया था.


Reference: Different news papers article from Google 

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