जिस्म जैसे अजंता की मूरत कोई
जिस्म जैसे निगाहों पर जादू कोई
जिस्म नगमा कोई
जिस्म खुशबू कोई
जिस्म जैसे की महकती हुई चंदानी
जिस्म जैसे की मचलती हुई रागिनी
जिस्म जैसे की खिलता हवा इक चमन
जिस्म सूरज की पहली किरण
जिस्म तरसा हुआ, दिलकशों दिलनशीं
संदली संदली
मर्मरिं मर्मरिं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
हुस्न ए जनान की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
तु भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
चेहरा एक फूल की, तरह शादाब है
चेहरा उसका है या, कोई महताब है
चेहरा जैसे गजल
चेहरा जान ए ग़ज़ल
चेहरा जेसे क़ली
चेहरा जेसे कंवल
चेहरा तसव्वुर भी
चेहरा तसवीर भी
चेहरा एक ख़ूब भी,
चेहरा ताबीर भी
चेहरा एक पल यकीन
चेहरा एक पल गुमान
चेहरा कोई अलिफ़ लेल की दास्ताँ
चेहरे जेसा की चेहरा कहीं भी नहीं
महरू महरू
महजबीन महजबीन
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
हुस्न ए जनान की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
तु भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
आँखें देखी तो मैं देखता रह गया
जाम दो और दोनों ही दो आतशां
आँखें या मैकदे की ये दो बाब हैं
आँखें इनको कहूँ, या कहूँ ख्वाब हैं
आँखें नीचे हुईं तो हया बन गयीं
आँखें ऊँची हुईं तो दुआ बन गयीं
आँखें उठाकर झुकीं तो अदा बन गयीं
आँखें झुकाकर उठीं तो कदा बन गयीं
आँखें जिनमें है क़ैद आसमां और ज़मीं
नरगिसी-नरगिसी, सुरमई-सुरमई
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
हुस्न ए जनान की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
तु भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
ज़ुल्फ़-ए-जाना की भी लम्बी है दास्ताँ
ज़ुल्फ़ की मेरे दिल पर है परछाईयाँ
ज़ुल्फ़ जैसे के उमड़ी हुई हो घटा
ज़ुल्फ़ जैसे के हो कोई काली बला
ज़ुल्फ़ उलझे तो दुनिया परेशान हो
ज़ुल्फ़ सुलझे तो ये दीद आसान हो
ज़ुल्फ़ बिखरे सियाह रात छाने लगी
ज़ुल्फ़ लहराए तो रात जाने लगी
ज़ुल्फ़ ज़ंजीर है, फिर भी कितनी हसीं
रेशमी-रेशमी, अम्बरी-अम्बरी
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
हुस्न ए जनान की तारीफ़ मुमकिन नहीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
तु भी देखे अगर, तो कहे हमनशीं
आफरीन आफरीन
आफरीन आफरीन
नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली के शब्द।
वे मुख्य रूप से कव्वाली के गायक थे, जो सूफ़ी भक्ति संगीत का एक रूप है। अक्सर उन्हें "शहंशाह-ए-कव्वाली" (कव्वाली का राजा) कहा जाता है। उन्हें द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा सभी समय का सबसे महान कव्वाली गायक माना जाता है और 2016 में एलए (LA) वीकली द्वारा खान जी को अब तक का चौथा सबसे महान गायक घोषित किया गया।
जय गुरुदेव दत्तात्रेय, जय हिंद